पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति संतुलन और सतत विकास: भावी पीढ़ी के लिए हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी
प्रकृति मेल (राष्ट्रीय हिन्दी मासिक पत्रिका, RNI NO. UPHIN/2011/40224) का यह विशेषांक हमारे पर्यावरण, जल, जंगल और जैव विविधता के संरक्षण को समर्पित है। औद्योगीकरण और शहरीकरण के युग में जब प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा है, तब प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।