सम्पादकीय दर्शन एवं वैचारिक चिंतन

हमारे बारे में (About Patrika)

प्रकृति, समाज, तत्व ज्ञान और शाश्वत सत्य को समर्पित भारत का अग्रणी डिजिटल एवं प्रिंट विचार मंच।

प्रकृति मेल - संपादकीय मार्गदर्शक एवं तत्व चिंतक
संपादकीय दृष्टि & चिंतन
प्रकृति मेल पत्रिका
सत्यनिष्ठ विचार मंच
2012 से

तत्व ज्ञान, प्रकृति और 'सत' का मार्ग

“प्रवृत्ति वह रसायन गंध है जो अपने संपर्क में आए पदार्थ विषय की रासायनिक क्रिया से अपनी आवश्यकता के अनुरूप गुणों का लाभ या हानि का अहसास कराकर विचार पैदा कराती है जो तत्व ज्ञान है। इसी ज्ञान से व्यक्ति उसे धारण करता है या छोड़ देता है; पर यहाँ पर व्यक्ति विषय को पूरी प्रकृति या समाज से जोड़ कर इसी क्रिया से तत्व ज्ञान को जान सकता है और जो मार्ग समाज में सत स्थापित करनेवाला मिले, उसी पर चलना और दूसरों को चला देना।”
1. प्रवृत्ति & बोध

संपर्क में आए विषय के गुण-दोष का स्वाभाविक बोध और विचार का प्रकटीकरण।

2. प्रकृति-समाज एकात्म

संकीर्ण स्वार्थ से परे हटकर समग्र प्रकृति व समाज से जुड़कर तत्व ज्ञान पाना।

3. सत की स्थापना

सत्य और न्याय के मार्ग को स्वयं अंगीकार करना और समाज को प्रेरित करना।

मार्गदर्शक वैचारिकी

संपादकीय सूत्र वाक्य एवं विचार स्तम्भ

जीवन, समाज और प्रकृति को एकात्म सूत्र में पिरोने वाले चार मूल चिंतन

तत्व ज्ञान

“प्रवृत्ति वह रसायन गंध है जो अपने संपर्क में आए पदार्थ विषय की रासायनिक क्रिया से अपनी आवश्यकता के अनुरूप गुणों का लाभ या हानि का अहसास कराकर विचार पैदा कराती है जो तत्व ज्ञान है।”

प्रकृति सामंजस्य

“व्यक्ति जब विषय को केवल निजी लाभ से नहीं, अपितु सम्पूर्ण प्रकृति और समाज से जोड़कर देखता है, तब वह यथार्थ सत्य और जीवन के शाश्वत संतुलन को पहचान पाता है।”

सत का मार्ग

“जो मार्ग समाज में 'सत' (सत्य, धर्म व न्याय) स्थापित करने वाला सिद्ध हो, उसी पर निष्ठापूर्वक स्वयं चलना और पूरी ईमानदारी से समाज को भी उसी राह पर अग्रसर करना ही श्रेष्ठ धर्म है।”

2012

स्थापना वर्ष

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